मसीह जीवन और मसीह चाल चलन
*मसीही आचरण*, *मसीही जीवन और मसीही चाल-चलन*
*परमेश्वर पर बिश्वास*
मरकुस 11:22, यूहन्ना 14:1, 11,12
*परमेश्वर का भय*
सभो 12:13
*परमेश्वर से प्रेम*
व्यवस्था 6:5, मत्ती 22:37
*परमेश्वर के अनुयायी*
इफ़ि 5:1, 1 पतरस 1:15,16
*परमेश्वर के आग्याकारी*
लूका 1:6, सभो 12:13, 1 यूहन्ना 5:3
*परमेश्वर में आनन्दित*
भजन 33:1, हब्बकूक 3:28
*यीशु में बिश्वास*
यूहन्ना 6:29, 1 यूहन्ना 3:23
*यीशु से प्रेम*
यूहन्ना 21:15,गलातियो 2:20, 1 पतरस 1:7,8
*यीशु का अनुसरण करना*
यूहन्ना 13:15, 1 पतरस 2:21-24
*यीशु की आग्या मानना*
यूहन्ना 14:21, यूहन्ना 15:14
*((((मसीही जीवन)))):-*
यीशु के लिए
रोमि 14:8
*यीशु में धार्मिकता*
2 तीमु 3:12
*धार्मिकता के लिए*
रोमि 6:8, 1पतरस 2:24
*संयमी, धार्मिक, और परमेश्वर प्रिय*
तीतुस 2:12
*((((मसीही चाल)))):-
*परमेश्वर के योग्य*
1थिस्सलु 2:12
*यीशु के योग्य*
कुलु 1:10
*बिश्वासयोग्य*
1थिस्सलु 4:12
*पवित्रात्मा में*
गलातियो 5:25
*पवित्रात्मा की प्रेरणा में*
रोमि 8:1
*जीवन की नवीनता में*
रोमि 6:4
*बुलाहट के अनुसार*
इफ़ि 4:1
*ज्योति की सन्तान की नाई*
इफ़ि 5:8
*यीशु में आनन्दित*
फ़िलि 3:1, 4:4
*एक दूसरे को प्रेम करने वाले*
यूहन्ना 15:22, रोमि 12:10, 1कुरि 13:3, इफ़ि 5:2, इब्रा 13:1
*विश्वास की चेष्टा में*
फ़िलि 2:17, यहुदा 3
*सारे पापो को दूर करके*
1कुरि 5:7, इब्रा 12:1
*दुष्टता के हर एक रूप से दूर रहकर*
1थिस्सलु 5:22
*पवित्रता में स्थिर होकर*
मत्ती 5:48, 2कुरि 7:1, 2 तीमु 3:17
*भ्रष्टता से घृणा करते हुए*
यहुदा 23
*जो कुछ भला है उसका अनुसरण करने से*
फ़िलि 4:8, 1थिस्सलु 5:15, 1तीमु 6:11
*जगत में जयवन्त होता है*
1यूहन्ना5:4,5
*सुसमाचार सो शोभा देता है*
तीतुस 2:10, फ़िलि 1:27, मत्ती 5:16
*अच्छा उदाहरण दर्शाता है*
1तीमु 4:12, 1 पतरस 2:12, तीतुस 2:7
*परमेश्वर के कार्यो से परिपूर्ण*
1 कुरि 15:58, 2 कुरि 7:8, 1 थिस्स 4:1
*दुष्टो को त्याग देता है*
भजन 1:1, 2 थिस्स 3:6
*शरीर को वश मे रखता है*
1 कुरि 9:27, कुलु 3:5
*क्रोध को वश में रखता है*
इफ़ि 4:26, याकूब 1:19
*सताव का बदला नहीं लेता है*
मत्ती 5:39-41, 1कुरि 6:7
*सताने वाले को क्षमा करता है*
मत्ती 6:14, रोमि 12:20
*सबके साथ शान्ति से रहता है*
रोमि 12:18, इब्रा 12:14
*दुखियो की सुधि लेता है*
मत्ती 25:36, याकूब 1:27
*दूसरों से सहानुभूति रखता है*
रोमि 12:15, 1 थिस्स5:14, गलातियो 6:2
*दूसरों का आदर करता है*
भजन 15:4, रोमि 12:10
*परिवार के प्रति अपने कर्तव्य को पुरा करता है*
इफ़ि 6:1-8, 1 पतरस 1:3-7
*हाकिमो के अधीन रहता है*
रोमि 13: 1-7
*संतुष्ट रहता है*
फ़िलि 4:11, इब्रा 13:5
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