पवित्र आत्मा क्या करता है

पवित्र आत्मा क्या करता है?
उसके अनेक कार्यों में से लगभग 50 कार्यों की चर्चा हम इस
लेख में कर रहे हैं।
(कृपया ध्यान से पढ़ें और लाभान्वित हों।
प्रभु आपको आशीष दे!)
1. पाप के प्रति हमें कायल करता है - यूहन्ना 16:8
2. सत्य की ओर हमारी अगुवाई करता है - यूहन्ना
16:13
3. नवजीवन देता है - यूहन्ना 3:5,8; तितुस 3:5
4. मसीह की महिमा करता और उसकी
गवाही देता है - यूहन्ना 15:26; 16:14
5. हममें और हमारे द्वारा मसीह को प्रगट करता है - यूहन्ना
16:14-15
6. अगुवाई करता है - रोमियो 8:14, गलातियों 5:18; मति 4:1; लूका 4:1
7. हमें परिशुद्ध करता है - 2 थिस्स. 2:13; 1 पत. 1:2; रोमि. 5:16
8. हमें सामर्थ देता है - लूका 4:14; 24:49; रोमि. 15:19; प्रेरित 1:8
9. हमें भरता है - इफि. 5:18; प्रेरित 2:4; 4:8,31; 9:17
10. हमें प्रार्थना करना सिखाता है - रोमि. 8:26,27; यहूदा 1:20
11. हमारे साथ मिलकर गवाही देता है कि हम परमेश्वर
की सन्तान हैं - रोमि. 8:16
12. उसकी उपस्तिथि और कार्यों का प्रमाण और फल हममें
उतपन्न करता है - ग्ला. 5:22,23
13. आत्मिक वरदान देता है - 1 कुरि. 12:4,8-10; इब्रा. 2:4
14. सेवकाई के लिए हमारा अभिषेक करता है - लूका 4:18; प्रेरित 10:38
15. हमें धोता और नया करता है - तितुस 3:5
16. देह में एकता लाता है - इफि. 4:3; 2:14-18
17. भविष्य के पुनरुत्थान का आश्वासन और बयाना - 2 कुरि. 1:22; 5:5
18. छुटकारे के दिन के लिए हमपर मोहर लगाता है - इफि. 1:13; 4:30
19. हमें व्यवस्था, पाप और मृत्यु से आजाद करता है - रोमि. 8:2
20. हमारी नश्वर देह को जीवित करता है - रोमि.
8:11
21. परमेश्वर की गूढ़ बातों को हमपर प्रगट करता है - 1 कुरि.
2:10
22. परमेश्वर ने हमें जो कुछ दिया है उसे हमपर प्रगट करता है - 1
कुरि. 2:12
23. हममें निवास करता है - रोमि. 8:9; 1 कुरि. 3:16; 2 तिमु. 1:14;
यूहन्ना 14:17
24. हमसे, हममें और हमारे द्वारा बात करता है - 1 कुरि. 12:3; 1 तिमु.
4:10; प्रका. 2:11; इब्रा. 3:7; मति 10:20; प्रेरित 2:4; 8:29; 10:19;
11:12,28; 13:2; 16:6,7; 21:4,11
25. इसके द्वारा प्रभु की देह में बपतिस्मा पाया - 1 कुरि. 12:13
26. स्वतंत्रता लाता है - 2 कुरि. 3:17
27. मसीह के स्वरूप में हमें रूपांतरित करता है - 2 कुरि. 3:18
28. हमारे हृदय में से अब्बा पिता बुलाता है - गला. 4:6
29. हमें इंतजार करने में सक्षम करता है - गला. 5:5
30. मसीह को हमारे लिए उपलब्ध कराता है - फिलि. 1:19
31. अनन्त जीवन प्रदान करता है - गला. 6:18
32. परमेश्वर पिता तक हमारी पहुँच कराता है - इफि. 2:18
33. हमें परमेश्वर का सह निवास बनाता है - इफि. 2:22
34. परमेश्वर के भेद हमपर प्रगट करता है - इफि. 3:5
35. हमारी आत्मा को सामर्थ देता है - इफि. 3:16
36. सत्य के पालन में हमारी मदद करता है - 1 पत. 1:22
37. हमें यह जानने में मदद करता है कि यीशु हममें रहता है
- 1 यूहन्ना 3:24; 4:13
38. इस बात का अंगीकार करता है कि यीशु
शरीर में प्रगट हुआ था - 1 यूहन्ना 4:2
39. दुल्हन के साथ मिलकर कहता है कि प्रभु यीशु वापस आ
- प्रका. 22:17
40. परमेश्वर के प्रेम को हमारे हृदयों में डालता है - रोमि. 5:5
41. हमारे विवेक में सत्य की गवाही देता है - रोमि.
9:1
42. हमें सिखाता है - 1 कुरि. 2:13; यूहन्ना 14:26
43. हमें आनन्द देता है - 1 थिस्स. 1:6
44. कुछ को सुसमाचार प्रचार करने में सक्षम करता है - 1 पत. 1:12
45. हमें उभारता है - 2 पत. 1:21
46. परमेश्वर की बातों को जानता है - 1 कुरि. 2:11
47. दुष्टात्माएं निकालता है - मति 12:28
48. हमें बातें याद दिलाता है - यूहन्ना 14:26
49. हमें सांत्वना देता है - प्रेरित 9:31
50. कुछ को कलीसिया में अगुवे नियुक्त करता और कुछ को
कलीसिया स्थापना करने वालों के रूप में बाहर भेजता है - प्रेरित
20:28; 13:2
प्रभु आप को इस वचनो से आशीषित करे।
आमीन
Glory to God🙏🏻

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